शुक्रवार, नवंबर 15

शायरी RS4

इश्क बनकर रूह को वो सजा गए।
चाहत बनकर दिल पर वो छा गए।

वो आए जिंदगी में कुछ इस तरह,
जिस्म बनकर बाहों में समा गए।

He decorated the soul by becoming love.
 By becoming a desire, he was engrossed in his heart.

 He came in life like this,
 Fell into the arms as a body.

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गुरुवार, नवंबर 7

तेरे इर्द-गिर्द घूमता हूं जैसे...


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तेरे इर्द-गिर्द घूमता हूं जैसे...
जैसे फैन घूमता है।
उसमें बिजली से आता है पावर
तेरे छूने से मुझमे आता है।
I walk around you like...
 As the fan spins.
 power comes from it
 Touching you comes to me.

जब तू चूमती है होठों से मुझको सनम
तेरी लाली छलक जाती है।
जब तू देखे मुझे इतरा के
दिल मेरा धड़क जाता है
बेवजह नहीं तेरी तारीफया
इसमें मुझको मजा आता है
When you kiss me with your lips
 Your redness fades.
 when you look at me
 my heart beats
 Do not praise you unnecessarily
 i enjoy it

जब उड़ता है ये तेरा आंचल
और उड़ती है ये तेरी जुल्फें
इनमें मैं तो फंसा जाता हूं
जब चलती है तू इठला के
जब चलती है तू बलखा के
पैर मेरा फिसल जाता है
When it flies, it's your circle
 And this is your dress that flies
 I get caught up in this
 When you walk
 When you walk
 my foot slips

तेरे आने से महकेगी दुनिया मेरी
तू मुझे हि मुझे सोचता है
कुछ तो कहता नहीं है जुबां से सनम
फिर भी सबकुछ बयां करता है
नींद आये तो आये कैसे मुझे
तू मुझे हि मुझे देखता है।
Your coming will make my world smell
 you think of me
 nothing says sanam from tongue
 still tells everything
 how come i sleep
 You see me

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मंगलवार, अक्टूबर 22

फोन लगा ले गोरी बात करी ले


फोन लगा ले गोरी बात करी ले
तोपर चढ़ी ये जवानी मुलाकात करी ले

फूलों के रस में नहा के तू आई ये
दाँतों में अपने ओठ दबाइ ये
देख ले मुझे दीदार करी ले
अखियां मिलाके दो-चार करी ले
भीगे है बाल और भीगा है बदन
तेरी मीठी बातों में मैं हो गया मगन
थोड़ा खुद को बेकरार करी ले...

छू कर तुझको गरम कर दू
गंदा-गंदा आज करम कर दू
दिल से तू इजहार करी ले
छुप छुप के चल प्यार करी ले
एक दो जाम नहीं तू पिलायगी
सारा मैखाना मुझ पे लूटायगी
छोटी सी चीज तू बेकार करी ले...

कैसा लगा तुझको निशान तेरी टांग पे
याद आए मेरी जो तू दिखे तेरी जाग पे
सोच ले जरा तू सरम करी ले
पास मेरे होने का भरम करी ले
मैं भी जवा गोरी तू भी जवा है
जो भी होगा उसकी ये रात गवा है
शादी से पहिले सुहागरात करी ले...

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रविवार, अक्टूबर 20

शायरी RS3

नशा आखों से हो तो मजा देता है।
नशा ओठों  से हो तो  दगा देता है।
नशा को दिल  मे उतारा जो तुमने।
नशा  हि तेरे दिल को सजा देता है।
If you have intoxication through your eyes, it gives you fun.
 If the intoxication comes from the lips, it stifles them.
 You brought the intoxication into your heart.
 Intoxication punishes your heart

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बुधवार, अक्टूबर 16

शायरी RS2


हर सुबह हर श्याम को
तेरा नशा तेरा ही नशा।
तू मेरे साथ है मेरे पास है
दिल मे मेरे तू ही बसा।

every morning every evening
Your intoxication is your intoxication.
you are with me i have
You live in my heart.

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सोमवार, अक्टूबर 14

शायरी RS1

छोड़ दिया मैंखाने जाना 
जब से तुझको मैंने जाना
कैसा नशा ये तुमने दिया है 
टूट रहा है हर पैमाना
I left to go to the restaurant.
 Ever since I knew you
 What kind of intoxication have you given?
 Every measure is breaking.

इश्क ने मेरा वो हाल किया

ना रूह मेरी रही ना जिस्म मेरा रहा।

प्यार ने मेरा हाल बेहाल किया

ना रही रातो कि नींदें ना दिन का चैन रहा।

Ishq did that to me

 Neither my soul nor my body was mine.

 love hurts me

 There was no sleep of nights, there was no peace of day.

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रविवार, अक्टूबर 13

फुल फेस नी देखा तेरा

फुल फेस नी देखा तेरा।
आंखें ही तो देखी रे।
चाल डाल से लागे गोरी।
मने तू देसी छोरी रे।

गोरे बदन पर लाल कुर्ती।
चुन्नर ही तो देखी रे।
नैना तेरे कजरारे से।
फंसा में इनमें पोरी रे।

स्कूटी से चाले मैडम।
परी से उड़ती जाए रे।
चेहरे पर नकाब लगाया।
बिंदी ही तो देखी रे।

लव सब की तू गपशप करती।
कुड़िए तू इस्मार्ट रे।
झांसा देती पास ना आती।
बेबी तू बदमाश रे।

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