ग़ज़ल — तुझे खबर नहीं है
है खूबसूरत तेरी निगाहें, हमें पता, तुझे खबर नहीं है,
तेरे ही जलवे पे दिल ये हारा, हमें पता, तुझे खबर नहीं है।
तेरी हँसी में बहार जैसी, तेरी अदाएं उमड़ रही हैं,
तू सामने है तो दिल ये कहता, हमें पता, तुझे खबर नहीं है।
तेरे कदम जब करीब आए, धड़कन मेरी धड़क रही है,
तेरी ही खुशबू फैली जहाँ में, हमें पता, तुझे खबर नहीं है।
तेरी निगाहों का एक इशारा, दिल को मेरे बहका रहा है,
तेरी ही चाहत में खो गया हूँ, हमें पता, तुझे खबर नहीं है।
तू बात करती है जब ज़रा सी, तो वक्त जैसे ठहर गया है,
तेरी आवाज़ में प्यार है कितना, हमें पता, तुझे खबर नहीं है।
मैं रात भर चाँद से ये पूछूँ, कहाँ छुपी है वो चाँद जैसी,
वो मुस्कुराकर मुझे ये कहता, हमें पता, तुझे खबर नहीं है।
तेरे बिना अब ये दिल हमारा, किसी भी पल को खुशी नहीं है,
तू ही मेरी हर खुशी की वजह, हमें पता, तुझे खबर नहीं है।
कभी जो पूछे तू हाल मेरा, तो बस इतना ही कहूँगा तुझसे,
तू मेरी दुनिया, तू मेरी धड़कन, हमें पता, तुझे खबर नहीं है।
तेरे ही नाम से सुबह मेरी बस, तेरे ही नाम से श्याम ढले है,
तू मेरी किस्मत में लिखी है शायद, हमें पता, तुझे खबर नहीं है।
मेरी ही धड़कन में बसी है तू तो, राजू की शायरी में तू ही सजी है ,
ये दिल हमेशा तुझे पुकारे, हमें पता, तुझे खबर नहीं है।