शनिवार, मई 16

भाभी की बहना बड़ी मस्तानी

भाभी की बहना 2
[Intro]
[(Fast Bouncing Dholak and Timki Beats)]
[(Playful local electronic keyboard melody intro)]
[(Shouting with joy) ]अरे र रा... शाबाश! 

[Chorus]
[Male Vocal - High Energy]
बड़ी मस्तानी रे… बड़ी मस्तानी…
भाभी की बहना बड़ी मस्तानी…
गांव की छोरी हो गई दिवानी,
भाभी की बहना बड़ी मस्तानी…

[Verse 1]
[Male Vocal]
भैया की साली तो cute लगे,
काहे रिसानी वो mute लगे,
कमरिया हिलाके dance करे,
ओठों पे लाली suit लगे,
[Build-up]
लाखों में एक ये हो गई सयानी…
भाभी की बहना बड़ी मस्तानी!

[Chorus]
बड़ी मस्तानी रे… बड़ी मस्तानी…
भाभी की बहना बड़ी मस्तानी…
गांव की छोरी हो गई दिवानी,
भाभी की बहना बड़ी मस्तानी…

[Musiq Interlude]
[(Loud Local Electronic Keyboard Tune Solo with Heavy Dholak)]

[Verse 2]
[Male Vocal]
नखरे दिखाए वो टशन में रहके,
रील बनाए वो स्वैग में बहके,
चिड़िया के जैसे यहां वहां चहके,
परफ्यूम लगायी वो गाव भर महके,
[Build-up]
जींस पहन के दिखाए जवानी,
देखो रे इसकी तो चाल मस्तानी…

[Chorus]
बड़ी मस्तानी रे… बड़ी मस्तानी…
भाभी की बहना बड़ी मस्तानी…
गांव की छोरी हो गई दिवानी,
भाभी की बहना बड़ी मस्तानी…

[Musiq Interlude]
[(Loud Local Electronic Keyboard Tune Solo with Heavy Dholak)]

[Verse 3]
[Male Vocal]
भाभी की बहना खर्चा कराए,
शॉपिंग की लंबी लिस्ट दिखाए,
गुस्से में नथुने ऐसे फुलाए,
पल में हंसाए वो पल में रुलाए,
[Build-up]
बड़ी नटखट है इसकी कहानी,
देखो रे इसकी तो बात मस्तानी…

[Chorus]
[Full Group Energy]
बड़ी मस्तानी रे… बड़ी मस्तानी…
भाभी की बहना बड़ी मस्तानी…
गांव की छोरी हो गई दिवानी,
भाभी की बहना बड़ी मस्तानी…

[Musiq Interlude]
[(Loud Local Electronic Keyboard Tune Solo with Heavy Dholak)]

[Outro]
(Fast Dholak and Timki roll)
[Male Vocal] हाँ… भाभी की बहना, बड़ी मस्तानी!
[All] सचमुच मस्तानी!
[Musiq Interlude]
[(Loud Local Electronic Keyboard Tune Solo with Heavy Dholak)]
[Fade Out]
[End]

बुधवार, मई 13

देखूँ तुझे तो ऐसा लगे

​[Intro]
(Melodious Flute solo with soft Violins)
(Soft Tabla beat starts)
​[Verse 1]
देखूँ तुझे तो ऐसा लगे
जैसे कोई सपना सच हुआ
भीगी हवा, ये रुत जवाँ
मौसम को भी प्यार हो गया
​[Chorus]
पलकों की छाँव में, सपनों के गाँव में
तुम जो मिले, दिल खो गया...
हो... तुम जो मिले, दिल खो गया
​[Interlude]
(Violin Orchestral piece with Dholak transitions)
​[Verse 2]
चेहरे पे तेरे है नूर ऐसा
जैसे कि चंदा की चाँदनी
बातों में तेरी जादू है कोई
जैसे कि हो कोई रागिनी
मेरा ये मन, मेरा ये तन
अब तो तुम्हारा ही हो गया
​[Chorus]
देखूँ तुझे तो ऐसा लगे
जैसे कोई सपना सच हुआ
तुम जो मिले, दिल खो गया...
​[Interlude]
(Flute and Santoor bridge)
​[Verse 3]
वादों की कसम, चाहत की कसम
हम तो कभी न जुदा होंगे
राहों में चाहे तूफ़ान आएँ
हम तो वफ़ा की दुआ होंगे
मंज़िल मेरी, तू ही मेरी
रास्ता तेरा ही हो गया
​[Verse 4]
धड़कन में मेरी तू बस गया है
साँसों में खुशबू तेरी घुली
दुनिया की परवाह अब है किसे
जब से ये आँखें तुझसे मिलीं
तू है मेरा, मैं हूँ तेरी
किस्मत का लेखा मिल गया
​[Chorus]
देखूँ तुझे तो ऐसा लगे
जैसे कोई सपना सच हुआ
तुम जो मिले, दिल खो गया...
हो... तुम जो मिले, दिल खो गया
​[Outro]
(Flute fades out slowly)
ला ला ला... ला ला ला...
(End)

गुरुवार, मई 7

दिल ये दीवाना… DJ पे आना

​[Intro]
(Upbeat Flute with heavy Dhol and EDM Bass)
(Hey! DJ pe aana... Dil ye deewana...)
​[Chorus]
दिल ये दीवाना… DJ पे आना,
नाचेंगे हम कोई करके बहाना…
गाँव की गोरी, शहरी दीवाना,
DJ पे होगा, अपना ठिकाना!

​[Verse 1]
चुपके से आना, चुपके से जाना,
नज़रें मिला के, पलकें झुकाना...
दिल मेरा चाहे नजरें मिलाए,
छोड़ो भी अब ये शर्माना.....
​[Pre-Chorus]
(Music builds up... Drum roll)
​[Chorus]
दिल ये दीवाना… DJ पे आना,
नाचेंगे हम कोई करके बहाना…
गाँव की गोरी, शहरी दीवाना,
DJ पे होगा, अपना ठिकाना!

​[Verse 2]
बरगद की छांव में, बैठे हम राहों में,
गांव की गलियों में, खिलती सी कलियों में...
दिल मेरा चाहे गले से लगाए,
छोड़ो भी अब ये लजाना.....
​[Pre-Chorus]
(Music builds up... Drum roll)
​[Chorus]
दिल ये दीवाना… DJ पे आना,
नाचेंगे हम कोई करके बहाना…
गाँव की गोरी, शहरी दीवाना,
DJ पे होगा, अपना ठिकाना!

​[Verse 3]
हाथों में हाथ दो, तुम मेरा साथ दो
खुशियाँ भरी हो, वो पूरी रात दो
दिल मेरा चाहे दिल से मिलाए
छोड़ो भी अब ये बहाना.......
​[Pre-Chorus]
(Music builds up... Drum roll)
​[Hook / Outro]
दिल ये दीवाना… DJ पे आना,
नाचेंगे हम कोई करके बहाना…
गाँव की गोरी, शहरी दीवाना,
DJ पे होगा, अपना ठिकाना!
(Heavy Dhol Beats fade out)
(Upbeat Flute with heavy Dhol and EDM Bass)

शुक्रवार, सितंबर 27

वरदान ep1

बहुत पुराने समय की बात है।एक बहुत ही शक्तिशाली
और पराक्रमी राजा चिरायु गढ़ में राज किया करता थे।उसकी कीर्ति दूर-दूर तक फैली हुई थी। उसके राज्य में
सभी प्रजा सुखी से अपना जीवन यापन किया करते थे।
वह अपनी प्रजा को अपनी संतान की तरह समझता था
और अपने दुख सुख  में उन्हें शामिल  किया  करता था।
उसके राज्य में किसी भी प्रकार की कोई कमी नही  थी।
राजा और  उसकी प्रजा  बड़े सुख चैन से अपना  जीवन
व्यतीत करते थे परंतु राजा के मन में एक पीड़ा एक बेचैनी हमेशा बनी रहा करती थी आखिर उसके बाद इस राज्य का क्या होगा, क्योंकि उसे कोई संतान नहीं थी और उसके राज्य का कोई वारिस ना होने के कारण, उसके पड़ोसी मुल्क उस पर नजरें गड़ाए हुए थे। वह चाहते थे, कि वहां का राज्य उनका हो जाए परंतु राजा दिन रात यह सोचा करता था कि आखिर उनके बाद क्या होगा? रानी को भी अपनी संतान ना होने पर बहुत दुख था। राजा - रानी ने अपने आप को संतोष देने के लिए उन्होंनेे एक  मिट्ठू अपने यहां पर पाल लिया । वे उसे अपने बच्चे की तरह प्रेम करते थे, उसे अपने हाथो से खाना खिलाते, अपने हाथो से नहलाते और उसे अपना पुत्र समझते थे। इसी तरह उनका दिन व्यतीत हुआ करता था एक दिन श्याम के समय की बात है, जंगल से उड़ते हुए कुछ मिट्ठू वहाँ से गुजर रहे थे । मिट्ठू ने देखा तो उन्हें अपने जैसा जानकर आवाज लगाई, उसकी आवाज सुनकर आसमान से उड़ रहे मिट्ठू उसके आसपास इकट्ठा हो गए और बात करने लगे सब अपना अपना हालचाल एक दूसरे को बता रहे थे पिंजड़े में रखा हुआ मिट्ठू भी बोला मैं यहां बहुत सुखी हूं और मुझे किसी बात की कोई कमी नहीं है राजा और रानी मुझे अपने पुत्र की भांति प्रेम करते हैं और मुझसे बहुत ज्यादा प्रेम करते हैं। यह सुनकर बाहर की एक मिट्ठू ने कहा वह, तुमसे कोई प्रेम नहीं करते यह बस उनका दिखावा है क्योंकि अगर वह प्रेम करते तो तुम्हें इस तरह पिंजड़े में कैद नहीं करके रखते। इस पर मिट्ठू बोला नहीं वह मुझसे बहुत प्रेम करते हैं और देखिए मेरे लिए उन्होंने सोने का पिंजरा बनवाया है। यह सुनकर बाहर का मिट्ठू बोला पिंजड़ा सोने का ही सही पर है तो कैदखाना, तुम हमारी तरह स्वतंत्र आसमान में नहीं उड़ सकते तुम्हें जो खाने को दिया जाएगा वही खाओगे, अपनी मर्जी से उड़कर कहीं जा नहीं सकते, ना ही अपनी मन मुताबिक कुछ खा सकते हो। यह सुनकर उस मिट्ठू को बहुत बुरा लगा और वह सोच मे पड़ गया , आखिर ये सच हि तो बोल रहे है। मैं अपनी मर्जी से कुछ भी नहीं कर सकता । क्या सच में मैं कैदी हूं यह सोचकर बोला अब मुझे क्या करना चाहिए? क्या मैं जिन्दगी भर यही कैदी बनकर रहूँगा? उसने सारी रात बहुत सोचा और एक फैसला लिया की कल सुबह मैं मरने का नाटक करूंगा और जब मैं मरा हुआ सुबह दिखाई दूंगा तो यह लोग मुझे फेंक देंगे और तब मैं उड़कर यहां से चला जाऊंगा और वह अगले दिन सुबह सुबह मरने का नाटक करता है ।रानी जब उसे खाना देने जाती हैं तो उसे मरा हूआ देख कर बहुत जोर जोर से रोने लग जाती है राजा भी बहुत दुखी होकर यह दुखद समाचार सभी को कहता है कुछ हि समय में सब लोग आ जाते है उसके बाद मे अर्थी बना कर उसे पूरे विधि विधान से शमशान ले जाते है और जब राजा उसकी चिता को आग लगाने के लिए आगे बढ़ते हैं तभी मिठ्ठू उड़ कर पेड़ पर बैठ जाता है और राजा से कहता है कि आप ने मुझे बहुत प्यार किया है और मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गयी जो मै आप के प्यार को पहचान नहीं पाया। मिठ्ठू कहता है राजा जी मै आपको संतान  प्राप्ति के लिए भगवान से प्रार्थना करूंगा अन्यथा अपने प्राण त्याग दूंगा यह कह कर मिट्ठू वहां से उड़ जाता है और सभी अपने अपने घर वापस चले जाते हैं

                          आगे अगले भाग में पढ़े


सोमवार, जून 17

चाहत और भी है-भाग 25

 यह कहानी पूर्ण रूप से काल्पनिक है इसका किसी भी वेक्ति , वस्तु , या स्थान से कोई सम्भन्ध नहीं है।



 चाहत और भी है-भाग 25


समय एक सा नहीं रहता और समय निकलते देर नहीं लगती । उनके प्यार को लगभग पाच साल बित गए । अरु को उम्मीद थी कि सारा उसका साथ कभी नहीं छोड़ना चाहेंगी । पर वैसा नहीं हुआ । बड़े घर और बड़े शहर मे रहने कि लालसा मे उसने एक रिश्ते को हा कर दी। मैंने उसे बहुत रोकना चाहा पर आदमी को हारना हि पड़ता है जब औरत साथ ना दे। अरु के साथ भी यही हो रहा था । उनके घर मे सादि करने के पैसे कम पड रहे थे । ये बात जब अरु को पता हुई तो उसने कहा मैं तुम्हारे साथ हूँ । तुम्हें मैं पैसे दूँगा । तुम घबराए क्यों हो मेरे होते तुम्हें चिन्ता करने कि जरुरत नहीं । सारा दर्द , सारी तड़प , और अपने आंसूओं को पी कर भी सहन कर गया । और सारा कि मदद कि। पर शायद उसे इस दर्द का कहा एहसास होगा । कठिन दौर को अरु सहे ना सका , उसे नींद नहीं आया करती दिन रात उसे याद किया करता । अंत मे एक दिन अरु ने ढेर सारी नींद कि गोलियां खा गया । इस कारन उसके पेट मे ज़हर बन गया । साथ मे काम कर रहे लॉगो ने उसे हॉस्पिटल ले गए। स्थिति गंभीर थी। उसके घर से बड़े भाई बस वहाँ आए क्योंकि कीसी को कुछ नहीं बताया गया था । तीन दिन के बाद अरु को होस आया । फिर उसे भाई के साथ घर भेज दिया गया । कंपनी से निकाला गया । मानसिक स्तिथि सही नहीं है ऐसा बोल कर ।

रविवार, जून 16

चाहत और भी है-भाग 24

 यह कहानी पूर्ण रूप से काल्पनिक है इसका किसी भी वेक्ति , वस्तु , या स्थान से कोई सम्भन्ध नहीं है।



चाहत और भी है-भाग 24


अपनी चाहत और प्यार दिल मे सजोए अरु काम पर चाला गया । फोन पर कई प्यारी प्यारी बातें होती रही पर साथ हि साथ लड़ाई भी हो जाया करती । क्योंकि भरोसा कम जो हो गया था। सारा ने एक दिन अरु से कहा आप मुझसे मिलने आओ । क्योंकि अब धीरे धीरे तीन महीने हो गए थे । अरु भी उससे मिलना चाहता था । अतः वो भी घर वापिस आ गया । फिर उन दोनों ने प्लानिंग कि और खेत मे मिलने का सोचा । प्लानिंग के अनुसार अब सारा खेत मे हि रुक गई । इधर अरु का मन कुछ विचलित था पर फिर भी वह रात के नौ बजे तक खेत पहुचा आज हल्की हल्की बारिश भी हो रही थी । अरु अपने साथ अंगूर भी लाया था । दादा-दादी खाना खा कर सो रहे थे, सारा भी उन्हीं के साथ सो रही थी । सारा ने अरु को चुपके से अपने पास बुलाया। अरु भी धीरे-धीरे उसके करीब मे सो गया । फिर उन दोनों ने कई सारी बातें कि साथ मे अंगूर भी खाए पानी पिया । और प्यार किया । लेकिन थोड़ा सा गड़बड़ हो गया दादी को वहाँ अरु के होने का ऐहसास हुआ। । दादी उठ गई और टार्च मे देखने लगी । टार्च मे कम रौशनी थी और उनकी आँख मे कम दिखाई देता था। वो दादा को जगाने लगी अरु स्थिति बिगड़ी देख वहाँ से भाग कर पीछे वाली पहाड़ी मे छुप गया।  कुछ देर बाद सब फिर सो गए । अरु फिर से सारा के पास गया और अपना मोबाइल लेकर विदा ली। अगले दिन अरु ने सारा से बात कि और कहा मैं तुम्हारे साथ हूँ यदि तुम जो भी फैसला लो मैं मानुगा । पर इस बात को किसी ने कुछ नहीं कहा और सब सामान्य बना रहा। बात जारी रही।

शनिवार, दिसंबर 24

हम भोले के दीवाने


हम भोले के दीवाने


हमें दर्शन करने जाना रे
हम भोले के दीवाने
थोड़ा आगे तक पहुंचादे रे
ओ राही दिवाने
हम भोले के दिवाने
शिव शंकर के दिवाने

सुंदर बगिया पेड़ लता है
गलियों और मैदनो मे
जरा छाव मे आजा रे
ओ राही दीवाने

ना गाड़ी है, ना घोडा है
पैदल हि जाना है
थोड़ी राह आसान करा दे रे
ओ राही दीवाने

तुझे भोले ने भीजवाया रे
तू साथी बनजा मेरा
चल तू भी दर्शन करले रे
ओ रही दीवाने

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