शुक्रवार, जून 12

गाँव कहाँ रे...



[Chorus]
ऐ गोरी तू ही बता गाँव कहाँ रे।
ऐ गोरी तू ही बता गाँव कहाँ रे।
घने घने जंगल हैं कहाँ जाऊँ रे,
पतली सी पगडण्डी कैसे आऊं रे
कहाँ आऊँ रे... कैसे आऊँ रे...
ऐ गोरी तू ही बता गाँव कहाँ रे।
गाँव कहाँ रे... गाँव कहाँ रे...
ऐ गोरी तू ही बता गाँव कहाँ रे।
ऐ गोरी तू ही बता गाँव कहाँ रे।

[Verse 1]
गाड़ी भी बंद हुई, राहें अनजान रे,
पैदल ही आऊंगा, आफत में जान रे।
गाड़ी भी बंद हुई, राहें अनजान रे,
पैदल ही आऊंगा, आफत में जान रे।
सज-धज के राहों में आँखें बिछाई रे,
मिलने की आस तूने दिल में जगाई रे।

[Bridge]
कहाँ जाऊँ रे... कैसे आऊँ रे...

[Chorus]
ऐ गोरी तू ही बता गाँव कहाँ रे।
गाँव कहाँ रे... गाँव कहाँ रे...
ऐ गोरी तू ही बता गाँव कहाँ रे।
ऐ गोरी तू ही बता गाँव कहाँ रे।

[Verse 2]
हाथों में खनके हैं तेरे वो कंगना,
जल्दी चलो मेला ना बैठो तुम अँगना।
हाथों में खनके हैं तेरे वो कंगना,
जल्दी चलो मेला ना बैठो तुम अँगना।
मेले में तेरा कहीं हाथ न छूटे,
जन्मों का बंधन ये कभी ना टूटे।

[Bridge]
किधर जाऊँ रे... कहाँ पाऊँ रे...

[Chorus]
ऐ गोरी तू ही बता गाँव कहाँ रे।
गाँव कहाँ रे... गाँव कहाँ रे...
ऐ गोरी तू ही बता गाँव कहाँ रे।
ऐ गोरी तू ही बता गाँव कहाँ रे।

[Verse 3]
मेले में माँगे तू झुमका और कजरा,
बालों में तेरे सजे फूलों का गजरा।
मेले में माँगे तू झुमका और कजरा,
बालों में तेरे सजे फूलों का गजरा।
भीड़ है भारी तुम साथ में रहना,
छूटे ना हाथ मेरा तुमसे है कहना।

[Bridge]
कहाँ ढूँढू रे... कहा पाऊँ रे...

[Chorus]
ऐ गोरी तू ही बता गाँव कहाँ रे।
गाँव कहाँ रे... गाँव कहाँ रे...
ऐ गोरी तू ही बता गाँव कहाँ रे।
ऐ गोरी तू ही बता गाँव कहाँ रे।

[Outro]
गाँव कहाँ रे... गाँव कहाँ रे...
ऐ गोरी तू ही बता गाँव कहाँ रे।
ऐ गोरी तू ही बता गाँव कहाँ रे।


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